आपके मोबाइल और कंप्यूटर को सही तरीके से काम करने के लिए एक खास सॉफ्टवेयर की जरूरत होती है जिसे ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) कहते हैं। जैसे इंसान के शरीर में आत्मा होती है, वैसे ही ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर और मोबाइल की आत्मा है। बिना ऑपरेटिंग सिस्टम के, कोई भी कंप्यूटर या मोबाइल काम नहीं कर सकता।
"What is an Operating System? समझें आसान भाषा में!"
ऑपरेटिंग सिस्टम एक इंटरफेस की तरह काम करता है, जो हार्डवेयर और यूज़र के बीच संपर्क स्थापित करता है। इससे यूज़र को कंप्यूटर की भाषा जानने की ज़रूरत नहीं होती, वो आसानी से अपनी एप्लिकेशन चला सकता है। इसके बिना, क्रोम, MS Word, गेम्स, फ़ोटोशॉप जैसे प्रोग्राम्स रन नहीं हो सकते। यह प्रोग्राम्स ऑपरेटिंग सिस्टम के ज़रिए ही कंप्यूटर में चलते हैं।
ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर में मौजूद सभी हार्डवेयर को मैनेज करता है। यह सुनिश्चित करता है कि कौन सी डिवाइस कब और कितनी देर तक इस्तेमाल हो, और काम खत्म होने पर उन डिवाइसेज को इनएक्टिव कर देता है। इसके अलावा, यह मेमोरी और प्रोसेसर को भी मैनेज करता है, ताकि अलग-अलग प्रोग्राम्स सुचारू रूप से चल सकें।
ओएस फाइल मैनेजमेंट भी करता है, जिससे यह पता चलता है कि कौन सी फाइल्स कहां स्टोर हैं, कब बनाई गईं और किसने इन्हें बनाया। इसके साथ ही, यह सिक्योरिटी भी प्रदान करता है ताकि आपके कंप्यूटर को बिना इजाज़त कोई दूसरा यूज़र एक्सेस न कर सके।
कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी के विकास के साथ-साथ ऑपरेटिंग सिस्टम भी लगातार अपडेट होता रहा है। आज के समय में कई प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम्स उपलब्ध हैं, जैसे Windows OS, Mac OS, Linux, Android, iOS, और Ubuntu।
मल्टी-यूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम एक समय में एक से अधिक यूज़र्स को एक ही डेटा और एप्लिकेशन तक पहुंचने की अनुमति देता है। सिंगल-यूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम एक समय में केवल एक ही यूज़र को काम करने की अनुमति देता है।
इसके अलावा, मल्टीटास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम यूज़र्स को एक साथ कई प्रोग्राम्स चलाने की सुविधा देता है, जैसे ईमेल लिखते हुए गाने सुनना और साथ ही सोशल मीडिया चलाना। मल्टीप्रोसेसिंग ऑपरेटिंग सिस्टम में एक से अधिक प्रोसेसर एक समय में कई अलग-अलग प्रोग्राम्स के निर्देशों को एक साथ प्रोसेस करते हैं।
नेटवर्क पर काम करने वाले सिस्टम्स के लिए नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम भी होता है, जो मल्टिपल कंप्यूटर्स को कनेक्टेड रखता है और उन्हें फाइल्स शेयर करने की सुविधा देता है। इसके अलावा, डिस्ट्रिब्यूटेड ऑपरेटिंग सिस्टम डेटा को कई जगहों पर स्टोर करता है और बहुत सारे प्रोसेसर्स के बीच काम को बांटता है। अगर एक कंप्यूटर काम करना बंद भी कर दे, तब भी दूसरे कंप्यूटर्स के जरिए काम किया जा सकता है।
ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर की जान है, इसके बिना कोई भी सिस्टम काम नहीं करेगा। यही कारण है कि हमें इसके महत्व को समझना चाहिए और समय-समय पर इसे अपडेट करते रहना चाहिए।

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